25 से बेसी बेर रक्तदान करे खातिर रक्तवीर शिव शंकर महतो सम्मानित
भक्ति कवनो बाहरी कर्मकाण्ड ना, बल्कि जीव के भीतर जागल दिव्य प्रेम ह
ईश्वर कवनो सीमित रूप में बन्हाइल ना हउवें, ऊ रूपातीत बाड़ें साधना खाली व्यक्तिगत मुक्ति खातिर ना, बल्कि पूरा समाज के भलाई खातिर भी जरूरी बा
भक्ति के उद्देश्य जीव आ शिव के द्वैत मिटाकर एकत्व के अनुभूति करावल ह।
भक्ति जीव आ शिव के बीच के सेतु ह, जवना के माध्यम से मनई परम सत्य तक पहुँचेला
सिंधी समाज के दावा – चंपत राय के 200 किलो चाँदी दिहल गइल रहे, राम मंदिर में लागे खातिर चाँदी के शिला दिहल गइल रहे, बाकिर आज ले ओकर रसीद नइखे मिलल